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विश्व हिंदू परिषद ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए FIR दर्ज करने की मांग : अयोध्या राम मंदिर में दान राशि विवाद

श्रद्धालुओं के दान को ‘चंदा’ कहना हिंदू आस्था का अपमान
जांच की मांग करते हुए कहा कि यह स्वाभाविक है कि जब करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी
विषय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कानपुर: 25 जून 2026
नई दिल्ली: 25 जून 2026
अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि को लेकर हाल ही में उठे विवाद पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है। VHP के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि यदि जांच में कोई दोषी पाया गया, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए दंडित किया जाएगा, चाहे उनकी स्थिति कितनी ही प्रभावशाली क्यों न हो।
इस विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चंदे की व्यवस्था में अनियमितताएं सामने आई हैं। VHP ने इस संदर्भ में यह भी कहा है कि श्रद्धालुओं के दान को ‘चंदा’ कहना हिंदू आस्था का अपमान है, और उन्होंने जांच की मांग करते हुए कहा कि यह स्वाभाविक है कि जब करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हो, तो इस विषय को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
अध्ययन में सामने आया है कि कुछ राजनीतिक दलों ने इस विषय को लेकर सरकार पर दबाव डाला है, खासकर जब इस विवाद के परिणामस्वरूप बीजेपी के अंदर भी आंतरिक तनाव देखने को मिल रहा है।
आलोक कुमार ने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान में विशेष जांच दल (SIT) मामले की जांच कर रहा है और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच में किसी प्रकार की खामी या कमी सामने आती है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस विवाद की जांच में अयोध्या के मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिसमें चंपत राय सहित कई लोग शामिल हैं। VHP ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है, ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे।
सुप्रीम कोर्ट में  विवाद से जुड़े मामले में वर्तमान में, याचिका दायर की गई है, जिसमें सीबीआई जांच की मांग की गई है। इस पूरे प्रकरण ने अभी भी कई प्रश्न खड़े किए हैं और इसका प्रभाव भारतीय राजनीति पर भी पड़ सकता है, खासकर आगामी चुनावों को देखते हुए।
VHP का यह कदम न सिर्फ आस्था को सुरक्षित रखने के लिए बल्कि वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

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