न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टूल्स का समावेश सफल हो रहा है।
ऑक्सफोर्ड यूनियन में भाषण में भी न्यायपालिका के तकनीकी सुधारों श्रेय देश के युवाओं को दिया
युवाओं से न्याय प्रणाली और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की जिम्मेदारी संभालने का आह्वान
कानपुर:15 अगस्त 2026
नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने देश के युवा वकीलों, लॉ ग्रेजुएट्स और कानूनी पेशेवरों की तकनीकी क्षमता (Tech Savviness) और उनके लचीलेपन की जमकर सराहना की है। उन्होंने युवाओं को देश की न्यायपालिका में डिजिटल बदलाव लाने वाली सबसे बड़ी ताकत बताया है।
मुख्य न्यायाधीश द्वारा युवाओं की तकनीकी क्षमता को लेकर कही गई प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:
अदालतों का आधुनिकीकरण: CJI सूर्यकांत के अनुसार, युवा कानूनी पेशेवरों की नई तकनीकों को तेजी से सीखने और अपनाने की क्षमता के कारण ही न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टूल्स का समावेश सफल हो पा रहा है।
ज्ञान और संवाद का नया माध्यम: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में कहा कि यह पीढ़ी एक ऐसे दौर में बड़ी हुई है जहाँ टेक्नोलॉजी ने संवाद और ज्ञान तक पहुँच को पूरी तरह बदल दिया है। युवा इसी अनुकूलन क्षमता (Adaptability) को अब कोर्टरूम में ला रहे हैं।
भविष्य की जिम्मेदारी: उन्होंने युवाओं की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए उनसे भविष्य में न्याय प्रणाली और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने की जिम्मेदारी संभालने का आह्वान किया।
ऑक्सफोर्ड यूनियन में सराहना: इससे पहले, ऑक्सफोर्ड यूनियन में दिए अपने भाषण में भी उन्होंने न्यायपालिका के तकनीकी सुधारों (Tech Reforms) का पूरा श्रेय देश के युवाओं को दिया था।










