मृतकों के परिवारों के लिए ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा
हादसा ट्रेनों से उतरे श्रद्धालुओं की आमद, बैरिकेडिंग टूटने और बिजली का करंट फैलने की अफवाह के कारण
नाग पंचमी के विशेष संयोग के कारण मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।
कानपुर:17अगस्त 2026
लखीसराय:17अगस्त 2026
बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर (इन्द्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में 17 अगस्त 2026 (सावन के तीसरे सोमवार) की सुबह लगभग 6:40 बजे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सुबह-सुबह ट्रेनों से उतरे श्रद्धालुओं की भारी आमद, बैरिकेडिंग टूटने और बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह के कारण हुआ।
ट्रेनों का आगमन: सुबह करीब 6:30 बजे लखीसराय/अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं से भरी दो ट्रेनें पहुंचीं, जिससे मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक अत्यधिक भीड़ बढ़ गई।
अफवाह और अफरा-तफरी: मंदिर के बाहरी परिसर/रास्ते पर सुरक्षा के लिए लगाए गए बांस के बैरिकेड्स टूट गए। इसी दौरान एक बिजली का खंभा/तार गिरने के बाद भीड़ में करंट फैलने की अफवाह उड़ गई।
दबने से मौतें: करंट की अफवाह से डरे लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे के ऊपर भागने लगे, जिससे मची भगदड़ में दबने और दम घुटने से 7 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई।
राहत, मुआवजा और प्रतिक्रियाएंघायलों का इलाज: प्रशासनिक और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। सभी 14 घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए लखीसराय के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरकारी मुआवजा: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की है और घायलों के मुफ्त व बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री की संवेदनाएं: प्रधानमंत्री ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और स्थानीय प्रशासन को प्रभावित लोगों की पूरी मदद करने को कहा है।
लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेंद्र कुमार और पुलिस प्रशासन की टीमें घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही हैं और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है।
हादसा ट्रेनों से उतरे श्रद्धालुओं की आमद, बैरिकेडिंग टूटने और बिजली का करंट फैलने की अफवाह के कारण
नाग पंचमी के विशेष संयोग के कारण मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।
कानपुर:17अगस्त 2026
लखीसराय:17अगस्त 2026
बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर (इन्द्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में 17 अगस्त 2026 (सावन के तीसरे सोमवार) की सुबह लगभग 6:40 बजे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मची भगदड़ में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सुबह-सुबह ट्रेनों से उतरे श्रद्धालुओं की भारी आमद, बैरिकेडिंग टूटने और बिजली का पोल गिरने के बाद करंट फैलने की अफवाह के कारण हुआ।
ट्रेनों का आगमन: सुबह करीब 6:30 बजे लखीसराय/अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं से भरी दो ट्रेनें पहुंचीं, जिससे मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक अत्यधिक भीड़ बढ़ गई।
अफवाह और अफरा-तफरी: मंदिर के बाहरी परिसर/रास्ते पर सुरक्षा के लिए लगाए गए बांस के बैरिकेड्स टूट गए। इसी दौरान एक बिजली का खंभा/तार गिरने के बाद भीड़ में करंट फैलने की अफवाह उड़ गई।
दबने से मौतें: करंट की अफवाह से डरे लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे के ऊपर भागने लगे, जिससे मची भगदड़ में दबने और दम घुटने से 7 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई।
राहत, मुआवजा और प्रतिक्रियाएंघायलों का इलाज: प्रशासनिक और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। सभी 14 घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए लखीसराय के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरकारी मुआवजा: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की है और घायलों के मुफ्त व बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री की संवेदनाएं: प्रधानमंत्री ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और स्थानीय प्रशासन को प्रभावित लोगों की पूरी मदद करने को कहा है।
लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेंद्र कुमार और पुलिस प्रशासन की टीमें घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही हैं और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है।
घटना का मुख्य कारण और विवरणश्रद्धालुओं की भारी भीड़: सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के विशेष संयोग के कारण मंदिर में जलाभिषेक के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।









