डॉ. मुकेश कुमार सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट से:‘ ज़िंदगी गीत है’ : सामाजिक सरोकार और समकालीन परिस्थितियों की सामर्थ्य अभिव्यक्ति
कवि जयराम सिंह ‘जय’ अपने गीतों में बेबाक मेरी अपनी काव्य-यात्रा उनके गीतों की छाया में ही पली-बढ़ी पैंतालीस वर्षों की काव्य-साधना की सघन झलक उन्होंने कृति में प्रस्तुत है कानपुर: 11 अगस्त 2026 डॉ. मुकेश कुमार सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट से ‘ ज़िंदगी गीत है’ : सामाजिक सरोकार और समकालीन परिस्थितियों की सामर्थ्य…